What is ITI

What is ITI

ITI  (Industrial Training Institute) एक तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान है, जहाँ युवाओं को विभिन्न ट्रेडों में व्यावसायिक और कौशल आधारित प्रशिक्षण दिया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को उद्योगों के लिए तैयार करना और उन्हें रोजगार योग्य बनाना है।

भारत में आईटीआई की शुरुआत Craftsmen Training Scheme (CTS) के अंतर्गत की गई थी, ताकि औद्योगिक विकास के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार किया जा सके।

वर्तमान समय में भारत में 14000 से अधिक आईटीआई संस्थान संचालित हैं, जिनमें सरकारी और निजी दोनों संस्थान शामिल हैं।

आईटीआई का पूरा नाम(Full form of ITI) -

ITI का  पूरा नाम “औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान(Industrial Training Institute)” है।

उद्देश्य(Purpose)-

आईटीआई का मुख्य उद्देश्य युवाओं को तकनीकी और व्यावसायिक कौशल प्रदान करना है, ताकि वे अपने करियर में सफल हो सकें और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुसार तैयार हो सकें।

आईटीआई के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  • युवाओं को रोजगार योग्य कौशल प्रदान करना
  • उद्योगों में कार्य करने के लिए तैयार करना
  • स्वरोजगार (Self Employment) के लिए सक्षम बनाना
  • तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव विकसित करना
  • देश के औद्योगिक विकास के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करना

आईटीआई के प्रकार(Types of ITI)-

ट्रेड्स के आधार पर आईटीआई मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है ।

  1. इंजीनियरिंग ट्रेड्स (Engineering Trades)
  2. नॉन-इंजीनियरिंग ट्रेड्स (Non-Engineering Trades)

A.इंजीनियरिंग ट्रेड्स (Engineering Trades)-

इंजीनियरिंग ट्रेड्स में विद्यार्थियों को विभिन्न इंजीनियरिंग क्षेत्रों में व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाता है। इस तरह के ट्रेड में छात्रों को ज्यादातर गणित, विज्ञान जैसे विषयों के बारे में पढ़ाया जाता है। जिन विद्यार्थियो की रूचि इन विषयो में है वो इंजीनियरिंग ट्रेड्स से आईटीआई कर सकते है इसमें विभिन्न शाखाएं शामिल होती हैं जैसे कि फिटर, मशीनिष्ट, टर्नरइलेक्ट्रीशियन, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि।

B.नॉन-इंजीनियरिंग ट्रेड्स (Non-Engineering Trades)-

नॉन-इंजीनियरिंग ट्रेड्स में विद्यार्थियों को विभिन्न नॉन-इंजीनियरिंग क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाता है। इसमें कई शाखाएं शामिल होती हैं इस तरह के ट्रेड्स को अधिकतर वही विद्यार्थी चुनते हैं जिनकी रुचि विज्ञान के विषयों में कम होती है। जैसे कि कम्प्यूटर ऑपरेटर और प्रोग्रामिंग असिस्टेंट (COPA), ड्रेस मेकिंग, स्पा थेरेपी, हेयर एण्ड स्कीन केयर आदि।

आईटीआई में एडमिशन के लिए योग्यता(Eligibility for admission in ITI)-

आईटीआई में एडमिशन के लिए योग्यता  राज्य द्वारा ही निर्धारित किये जाते हैं जो अलग अलग राज्य के लिए अलग अलग हो सकते है आईटीआई कोर्स में एडमिशन प्राप्त करने के लिए आपको निम्नलिखित योग्यता मापदंडों को ध्यान रखना चाहिए।

  • अभ्यर्थी को मान्यता प्राप्त बोर्ड से कक्षा 8वीं, 10वीं या 12वीं पास होना चाहिए।
  • अभ्यर्थी को न्यूनतम 40% अंकों के साथ उत्तीर्ण होना चाहिए।
  • अभ्यर्थी की आयु न्यूनतम 14 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • अभ्यर्थी की अधिकतम आयु का कोई प्रतिबन्ध नही होता है

अधिक जानकारी के लिए राज्य की विस्तृत विवरणिका को पढ़े।

ITI कोर्स की समयावधि(Time period of ITI Course) -

ITI कोर्स की अवधि ट्रेड के अनुसार अलग‑अलग होती है। विभिन्न ट्रेड में प्रशिक्षण की अवधि उनके तकनीकी स्तर और विषयवस्तु पर निर्भर करती है। सामान्यतः आईटीआई कोर्स निम्न अवधि के होते हैं:

  • 6 महीने (Short Term Courses)
  • 1 वर्ष (Basic Technical Trades)
  • 2 वर्ष (Advanced Technical Trades)

दो वर्षीय (2 Year) ट्रेडों में सिलेबस को सेमेस्टर प्रणाली में विभाजित किया जाता है, जिसमें कुल 4 सेमेस्टर होते हैं। वहीं एक वर्षीय ट्रेड वार्षिक प्रणाली पर आधारित होते हैं।

आईटीआई के लिए फीस(Fees of ITI)-

ITI के फीस भारत में राज्यों और संस्थानों के अनुसार भिन्न हो सकती है। आपको निकटतम आईटीआई या राज्य की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने चयनित कोर्स और संस्थान के फीस के बारे में सटीक जानकारी मिल सकती है।

  1. यह फीस आपके चयनित कोर्स और राज्य के अनुसार भिन्न हो सकती है।
  2. फीस आम तौर पर विषय और पाठ्यक्रम के आधार पर भी भिन्न होती है।
  3. सरकारी आईटीआई में फीस आम तौर पर 2000 से 10000 होती है जबकि निजी आईटीआई में फीस 15,000 से 50,000 तक होती है।

आईटीआई के बाद क्या करें(what to do after ITI)-

आईटीआई को पूरा करने के बाद आप विभिन्न क्षेत्रों में अनेक विकल्प चुन सकते हैं। नीचे अलग-अलग क्षेत्रों के अनुसार विकल्पों का संक्षेप में वर्णन किया गया है।

आप ITI की तैयारी को बेहतर बनाने के लिए हमारे ITI Books PDF, ITI Syllabus और ITI Mock Test पेज भी देख सकते हैं। इसके अलावा ITI के बाद Apprenticeship Training और Apprentice Books से संबंधित जानकारी भी आपकी तैयारी को मजबूत बनाएगी।

सरकारी नौकरी:

आप आईटीआई से प्राप्त की गई शिक्षा और प्रशिक्षण के आधार पर विभिन्न सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन कर सकते हैं। आप फिटर, इलेक्ट्रीशियन, मैकेनिक, वेल्डर, प्लंबर आदि के तौर पर विभिन्न सरकारी नौकरी प्राप्त कर सकते हैं। जैसे – इसरो, डीआरडीओ, बार्क, रेलवे, विद्युत विभाग, भारतीय वायुसेना, नौसेना, ऊर्जा उत्पादन निगम, ऑर्डिनेंस फैक्ट्रीज, एनटीपीसी, भेल, पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड, दूरसंचार, ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन लिमिटेड, इंडियन आर्मी आदि।

प्राइवेट नौकरी:

आप निजी कंपनियों में अपने ट्रेड के अनुसार नौकरी प्राप्त कर सकते हैं। जिसके लिए कम्पनियाँ समय समय पर कैम्पस प्लेसमेंट करती रहती है तथा ये कम्पनियाँ जॉब से सम्बन्धित अधिसूचना जारी करती रहती है जिसके आधार पर आप सेलेक्सन ले सकते है जैसे मारूती सुजुकी, हिरो, होन्डा, टाटा मोटर्स आदि

उच्च शिक्षा:

आप अपने ITI विषय में आगे की पढ़ाई करके उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं इससे आपको अधिक ज्ञान प्राप्त होगी और आप और बेहतर ज्ञान प्राप्त कर सकते है। जैसे कि डिप्लोमा, बीटेक, सीआईटीएस कोर्स तथा अन्य व्यावसायिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम।

व्यवसाय:

अपने ITI विषय के अनुसार खुद का व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि आप इलेक्ट्रीशियन हैं, तो आप इलेक्ट्रिकल सर्विसेज के लिए व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।

आपको अपने रुचियों, अध्ययन, और क्षमताओं के आधार पर एक उचित करियर चुनने की सलाह दी जाती है। जिससे आप अपने भविष्य को बेहतर और समृद्ध कर सकते हैं।

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